अतिशयोक्ति

सवेरे सवेरे आग के अंगारों के भाँति वो हमारी तरफ़ भागते हुए आए और चिल्लाते हुए कहने लगे ” तुमने हमारे जीवन को नष्ट कर दिया है! एक दिन ऐसा आएगा की तुम भी आग की भाँति जल उठोग़े!!” हमनेभी उनसे आँखें तरेरते हुए कहा ‘ जले हुए हो को और कितना जलाओगे? ‘ Advertisements